वर्षों के इंतजार के बाद पितकी रेलवे ओवरब्रिज जनता को समर्पित, चांडिलवासियों को जाम से मिलेगी बड़ी राहत

पितकी रेलवे ओवरब्रिज का उद्घाटन, चांडिल में यातायात सुगम होने की उम्मीद

सरायकेला: पितकी रेलवे ओवरब्रिज का वर्षों का इंतजार शनिवार को खत्म हो गया। चांडिल के पितकी रेलवे फाटक पर लगने वाले लंबे जाम से परेशान लोगों को अब बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। विधिवत उद्घाटन के बाद ओवरब्रिज को आम जनता के लिए खोल दिया गया। स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित बड़ी सौगात बताया।

पितकी रेलवे ओवरब्रिज का हुआ उद्घाटन

पितकी रेलवे ओवरब्रिज का उद्घाटन रांची सांसद सह केंद्रीय राज्य रक्षा मंत्री संजय सेठ ने किया। कार्यक्रम में ईचागढ़ विधायक सविता महतो, जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो समेत भाजपा और झामुमो के नेता, जनप्रतिनिधि, पार्टी कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

ओवरब्रिज के चालू होने के बाद स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल देखने को मिला। लोगों का कहना है कि इससे पितकी रेलवे फाटक पर लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।

रेलवे फाटक बंद होते ही लगता था लंबा जाम

पितकी रेलवे फाटक चांडिल क्षेत्र में लंबे समय से यातायात की बड़ी समस्या बना हुआ था। टाटा-पुरुलिया मुख्य मार्ग पर स्थित इस रेलवे फाटक से ट्रेनों के गुजरने के दौरान सड़क यातायात रोक दिया जाता था।

फाटक बंद होते ही सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती थी। कई बार ट्रेनों के लगातार आवागमन या फाटक अधिक देर तक बंद रहने के कारण जाम गंभीर हो जाता था।

इससे राहगीरों, स्कूली वाहनों, बसों, मालवाहक वाहनों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। जाम के कारण लोगों का महत्वपूर्ण समय भी बर्बाद होता था।

ओवरब्रिज से यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद

पितकी रेलवे ओवरब्रिज के शुरू होने से अब वाहनों को रेलवे फाटक पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ट्रेन के गुजरने के दौरान भी ओवरब्रिज के जरिए सड़क यातायात जारी रह सकेगा।

इससे टाटा-पुरुलिया मुख्य मार्ग पर यातायात का दबाव कम होने और जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। रोजाना इस मार्ग से आने-जाने वाले यात्रियों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना है।

ओवरब्रिज शुरू होने के बाद चांडिल और आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन भी पहले की तुलना में सुगम होने की उम्मीद है।

व्यापारिक गतिविधियों को भी मिलेगा फायदा

स्थानीय लोगों के अनुसार, रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम का असर यातायात के साथ-साथ आसपास के बाजार और व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ता था। वाहनों की लंबी कतार के कारण लोगों को कई बार बाजार पहुंचने में अतिरिक्त समय लगता था।

अब यातायात सुचारू रहने से क्षेत्र की व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। चांडिल और आसपास के क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों के लिए आवागमन आसान होने से स्थानीय कारोबार को लाभ मिल सकता है।

आपातकालीन सेवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण

पितकी रेलवे फाटक बंद रहने के कारण एंबुलेंस, दमकल और अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहनों को भी जाम में फंसना पड़ता था। ओवरब्रिज शुरू होने के बाद ऐसे वाहनों के आवागमन में भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों और जरूरतमंद लोगों को समय पर अस्पताल या अन्य स्थानों तक पहुंचाने में इससे मदद मिल सकती है।

वर्षों के इंतजार के बाद मिली बड़ी सौगात

ओवरब्रिज के उद्घाटन के बाद स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों का कहना है कि पितकी रेलवे फाटक की समस्या लंबे समय से चली आ रही थी और क्षेत्र के लोग ओवरब्रिज का काफी समय से इंतजार कर रहे थे।

ओवरब्रिज के शुरू होने से अब पितकी रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह सिर्फ एक पुल नहीं बल्कि चांडिल की यातायात व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

अब यह देखना होगा कि नए मार्ग पर यातायात व्यवस्था किस तरह संचालित होती है और इससे पितकी रेलवे फाटक तथा टाटा-पुरुलिया मुख्य मार्ग पर जाम की समस्या कितनी कम होती है।

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