CGL Student Protest Giridih: JMM कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं में झड़प, दो घायल
गिरिडीह: CGL Student Protest Giridih के बीच शुक्रवार को गिरिडीह के झंडा मैदान में JMM कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं के बीच विवाद हो गया। दोनों पक्ष अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। देखते ही देखते विवाद बढ़ा और मामला झड़प व मारपीट तक पहुंच गया। घटना में दो छात्र नेताओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है। दोनों का इलाज गिरिडीह सदर अस्पताल में कराया जा रहा है।
एक ही मैदान में आमने-सामने आए दो प्रदर्शन
जानकारी के अनुसार, छात्र नेता JPSC-JSSC CGL परीक्षा में कथित अनियमितता के विरोध में प्रदर्शन करने और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने के लिए झंडा मैदान पहुंचे थे। छात्रों की ओर से पहले ही राज्य के सभी 24 जिलों में पुतला दहन का कार्यक्रम घोषित किया गया था।
दूसरी ओर, JMM कार्यकर्ता केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए झंडा मैदान पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों पक्ष एक ही स्थान पर आमने-सामने आ गए। एक तरफ छात्र राज्य सरकार से परीक्षा मामले में जवाब और कार्रवाई की मांग कर रहे थे, जबकि दूसरी तरफ JMM कार्यकर्ता केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा रहे थे।
पुतला दहन को लेकर शुरू हुआ विवाद
छात्र नेताओं के अनुसार, वे मुख्यमंत्री का पुतला लेकर टावर चौक की ओर जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान JMM जिलाध्यक्ष संजय सिंह सहित पार्टी के कई कार्यकर्ता वहां पहुंचे। छात्रों का आरोप है कि JMM कार्यकर्ताओं ने उन्हें पुतला दहन करने से रोकने की कोशिश की।
इसके बाद दोनों पक्षों के बीच पहले नोकझोंक हुई और फिर विवाद बढ़ गया। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि JMM कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मारपीट की और झामुमो के झंडे व डंडे का इस्तेमाल किया। आरोप है कि कुछ छात्र नेताओं को झंडा मैदान में दौड़ाकर पीटा गया।
हालांकि, मारपीट और विवाद को लेकर JMM की ओर से इस खबर के लिखे जाने तक आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। इसलिए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
दो छात्र नेता घायल, अस्पताल में इलाज
झड़प के दौरान दो छात्र नेताओं के घायल होने की बात सामने आई है। घटना के बाद दोनों को इलाज के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल ले जाया गया। झंडा मैदान में विवाद के बाद कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
घटना ने JPSC-JSSC CGL परीक्षा को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। छात्र नेताओं का कहना है कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं को लेकर उनका आंदोलन किसी भी दबाव में बंद नहीं होगा।
आखिर क्यों नाराज हैं छात्र?
JPSC-JSSC CGL परीक्षा को लेकर छात्र संगठनों की मुख्य आपत्ति कथित गड़बड़ियों और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ी है। छात्र नेता मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर राज्य के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन और आंदोलन की गतिविधियां सामने आती रही हैं।
छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी तरह की अनियमितता का सीधा असर हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य पर पड़ता है। ऐसे में सरकार को उनकी शिकायतों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
राजनीतिक विरोध और छात्र आंदोलन के बीच बढ़ा तनाव
गिरिडीह की घटना में एक तरफ छात्र परीक्षा से जुड़े मुद्दे को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे थे, वहीं JMM कार्यकर्ता केंद्र सरकार के खिलाफ राजनीतिक प्रदर्शन कर रहे थे। दोनों विरोध कार्यक्रमों के एक ही स्थान पर होने से राजनीतिक और छात्र आंदोलन आमने-सामने आ गए।
घटना के बाद अब सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रदर्शन के लिए प्रशासन की ओर से पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। साथ ही, छात्रों के आरोपों और झड़प की वास्तविक परिस्थितियों की जांच भी महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल दो छात्र नेताओं के घायल होने के बाद मामला और गरमा गया है। छात्र संगठनों ने घटना की निंदा करते हुए आंदोलन जारी रखने की बात कही है। वहीं, JMM की आधिकारिक प्रतिक्रिया और पुलिस की जांच के बाद ही झड़प की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।