World Tribal Day: इरफान अंसारी बोले- आदिवासियों के लिए बना झारखंड, फिर हमें ही चोर कहा जाता है
जामताड़ा: दुलायडीह स्थित नगर भवन में रविवार को जिला स्तरीय विश्व आदिवासी दिवस(World Tribal Day) समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के दौरान झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने आदिवासी समाज के अधिकार, विकास और सम्मान को लेकर बड़ा बयान दिया।
उन्होंने कहा कि “झारखंड अलग राज्य आदिवासी और मूलवासी लोगों के हक, अधिकार और विकास के लिए बनाया गया था, लेकिन आज उन्हीं लोगों को चोर कहा जाता है।”
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी शामिल हुए। इस दौरान उपायुक्त आलोक कुमार, पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह, डीडीसी असीम किस्पोट्टा समेत जिले के कई वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद आदिवासी कला और संस्कृति पर आधारित विभिन्न रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में झारखंड के साथ-साथ असम और अरुणाचल प्रदेश की सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिली।
‘आदिवासियों के लिए बना झारखंड, लेकिन हमें ही चोर कहा जाता है’
मीडिया से बात करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड अलग राज्य इसलिए बनाया गया था, ताकि यहां के आदिवासी और मूलवासी लोगों को उनका हक, अधिकार और विकास मिल सके। लेकिन राज्य बनने के बाद सत्ता गलत हाथों में चली गई और आदिवासी-मूलवासी समाज का अपेक्षित विकास नहीं हो पाया।
मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि जिस उद्देश्य से झारखंड अलग राज्य का गठन किया गया था, उस उद्देश्य को पूरा करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि आदिवासी समाज को उसका हक और अधिकार मिले तथा गांव क्षेत्रों में विकास कार्य तेजी से हों।
मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, “यह बड़ी विडंबना है कि हमारे और हमारे लोगों के लिए राज्य लिया गया, लेकिन आज हमें ही चोर कहा जाता है।” उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के अधिकारों और सम्मान की रक्षा करना जरूरी है।
सरना धर्म कोड की मांग दोहराई
मंत्री ने सरना धर्म कोड की मांग को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि सरना धर्म कोड आदिवासी समाज की पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है हमारी सरकार इस विषय पर गंभीर गई और हम केंद्र सरकार से लगतार इस विषय पर बात कर रहें हैं केंद्र सरकार को इस पर पहल करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करना बेहद जरूरी है। विश्व आदिवासी दिवस पूरे झारखंड में बड़े स्तर पर मनाया जा रहा है और सभी जिलों के पदाधिकारियों को भी कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य आदिवासी समाज के लोगों तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना और उन्हें उनका अधिकार दिलाना है।