एमजीएम अस्पताल में मारपीट के आरोप पर बवाल, भाजपा नेता गुंजन यादव समर्थकों संग धरने पर बैठे

एमजीएम अस्पताल में धरने पर बैठे भाजपा नेता गुंजन यादव और समर्थक

जमशेदपुर: एमजीएम अस्पताल मारपीट मामला शनिवार को तूल पकड़ गया। डिमना स्थित एमजीएम अस्पताल परिसर में मरीज के परिजनों के साथ कथित मारपीट के आरोप को लेकर भाजपा नेता गुंजन यादव समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। उन्होंने होमगार्ड जवानों पर मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

📌 मुख्य बातें

  • एमजीएम अस्पताल में कथित मारपीट को लेकर हंगामा।
  • भाजपा नेता गुंजन यादव समर्थकों के साथ धरने पर बैठे।
  • मरीज के परिजनों ने होमगार्ड जवानों पर मारपीट का आरोप लगाया।
  • पुलिस ने टूटी लाठी जब्त कर जांच शुरू की।
  • अस्पताल प्रबंधन की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं।

मरीज के परिजनों ने इलाज और मारपीट के लगाए आरोप

भाजपा कार्यकर्ता एवं भुइयांडीह लकड़ीटाल निवासी मनीष शर्मा ने आरोप लगाया कि उनकी गर्भवती भांजी का एमजीएम अस्पताल में समुचित इलाज नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि सामान्य प्रसव की संभावना होने के बावजूद सी-सेक्शन किया गया। बाद में टांके वाली जगह पर सूजन और संक्रमण होने पर दोबारा भर्ती करना पड़ा, लेकिन डॉक्टरों ने नियमित जांच नहीं की और शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया।

मनीष शर्मा के अनुसार, शनिवार को अस्पताल के वेटिंग हॉल में बैठे रहने के दौरान कुछ होमगार्ड जवानों ने उन्हें वहां से हटने को कहा। विरोध करने पर उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी भांजी के पति के साथ भी मारपीट की गई।

गुंजन यादव ने भी लगाए गंभीर आरोप

घटना की सूचना मिलने पर भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव अस्पताल पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल परिसर में मौजूद 8 से 10 होमगार्ड जवानों ने उनके साथ भी लाठी-डंडे से मारपीट की। उनका दावा है कि विरोध करने पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया, उन्हें जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा और कुछ समय के लिए बंधक भी बनाया गया।

गुंजन यादव ने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद किसी भी होमगार्ड जवान ने नेम प्लेट नहीं पहन रखी थी। साथ ही घटना का वीडियो बनाए जाने के बाद उसे डिलीट करा दिए जाने का भी आरोप लगाया।

पुलिस ने शुरू की जांच

मामले की सूचना मिलने के बाद ग्रामीण एसपी शुभम खंडेलवाल, डीएसपी दयानंद कुमार और एमजीएम थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से टूटी हुई लाठी जब्त कर ली है तथा घायलों को मेडिकल जांच के लिए भेजा है।

पुलिस अधिकारियों ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच करने तथा सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

अस्पताल प्रबंधन का पक्ष आना बाकी

फिलहाल इस पूरे मामले में एमजीएम अस्पताल प्रबंधन और संबंधित होमगार्ड जवानों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

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