Himanshu Murder Case: केस डायरी दाखिल, नीरज सिंह की जमानत पर सुनवाई कल
जमशेदपुर: बिष्टुपुर के चर्चित डीडी बार हत्याकांड में सोमवार को पुलिस ने अदालत में केस डायरी दाखिल कर दी। केस डायरी जमा होने के बाद अब भाजपा नेता और डीडी बार के संचालक नीरज सिंह की जमानत याचिका पर मंगलवार, 18 अगस्त को सुनवाई होगी। पिछली सुनवाई में पुलिस की ओर से केस डायरी पेश नहीं किए जाने के कारण अदालत ने सुनवाई की तारीख आगे बढ़ा दी थी। अब जांच से जुड़े दस्तावेज अदालत के समक्ष आ जाने के बाद नीरज सिंह की जमानत पर अगली कानूनी कार्रवाई होगी। Himanshu Murder Case में अब अदालत की अगली सुनवाई पर नजर है।
26 जून की रात हुआ था विवाद
मामला 26 जून की देर रात बिष्टुपुर स्थित डीडी बार एंड कैफे से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार बार में हिमांशु सिंह और उसके साथियों का विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा तथा उसके सहयोगियों के साथ विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई। इसके बाद बार के बाहर सड़क पर हिमांशु सिंह और प्रत्युष आनंद पर चापड़ समेत धारदार हथियारों से हमला किया गया। दोनों को गंभीर चोटें आयीं।
घटना के बाद हिमांशु सिंह और प्रत्युष को इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) ले जाया गया। इलाज के दौरान हिमांशु सिंह की मौत हो गयी। दूसरी ओर, प्रत्युष आनंद की हालत भी गंभीर बनी रही और बाद में उसे बेहतर इलाज के लिए कोलकाता के अपोलो अस्पताल ले जाया गया। जुलाई में सामने आयी रिपोर्टों के मुताबिक संक्रमण के कारण प्रत्युष का इलाज लंबा चला और चिकित्सकों ने आगे भी ऑपरेशन की जरूरत बतायी थी।
जांच के दायरे में बार संचालक नीरज सिंह
हत्याकांड की जांच आगे बढ़ने के साथ डीडी बार के संचालक और भाजपा नेता नीरज सिंह की भूमिका भी पुलिस की जांच के केंद्र में आयी। जुलाई में पुलिस ने नीरज सिंह को गिरफ्तार किया था और अदालत से अनुमति लेकर उनसे पूछताछ की गयी थी। पुलिस ने उन्हें 72 घंटे की रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। रिपोर्टों के अनुसार जांच के दौरान घटना से जुड़े अन्य आरोपियों से उनके संपर्क और घटना के बाद की गतिविधियों को लेकर भी पूछताछ की गयी।
जांच में राहुल दुबे का नाम भी महत्वपूर्ण रूप से सामने आया। पुलिस के अनुसार घटना के समय राहुल दुबे डीडी बार में मौजूद था और वह मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल के साथ वहां आया था। विवाद के बाद राहुल ने कथित तौर पर फोन के जरिये घटना की जानकारी नीरज सिंह को दी थी। पुलिस ने राहुल की तलाश में उसके घर और अन्य संभावित ठिकानों पर छापेमारी की थी। बाद में उसने बिष्टुपुर थाने में सरेंडर किया।
आरोपियों की गिरफ्तारी और हथियार बरामदगी
हत्याकांड के बाद पुलिस ने लगातार छापेमारी कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान बार मैनेजर विजय महानन्द समेत अन्य लोगों की गिरफ्तारी की भी जानकारी सामने आयी। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर धतकीडीह इलाके में छिपाकर रखे गये हथियार और एक बाइक बरामद करने का दावा किया था।
पुलिस की कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल की तलाश भी जारी रही और बाद में उसके कोर्ट में सरेंडर करने की खबर सामने आयी। वहीं, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश देती रही। जांच में हथियारों की बरामदगी और आरोपियों से पूछताछ को महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
आरोपियों की संख्या को लेकर अलग-अलग चरणों में अपडेट
इस मामले में पुलिस की गिरफ्तारी की संख्या जांच के अलग-अलग चरणों में बढ़ती रही है। शुरुआती रिपोर्टों में 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की जानकारी दी गयी थी, जबकि बाद की रिपोर्टों में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 16 तक पहुंचने का उल्लेख है। इसलिए वर्तमान केस डायरी में शामिल आरोपियों की अंतिम संख्या अदालत में पेश रिकॉर्ड से स्पष्ट होगी।
अब अदालत के फैसले पर नजर
फिलहाल पूरे मामले में सबसे अहम घटनाक्रम नीरज सिंह की जमानत याचिका है। पुलिस द्वारा केस डायरी अदालत में दाखिल किये जाने के बाद मंगलवार, 18 अगस्त को सुनवाई होगी। अदालत में पुलिस की जांच, केस डायरी में दर्ज तथ्यों और बचाव पक्ष की दलीलों के आधार पर जमानत याचिका पर सुनवाई की जाएगी। इस सुनवाई से यह स्पष्ट होगा कि नीरज सिंह को फिलहाल न्यायिक हिरासत में रहना होगा या अदालत उन्हें जमानत देती है।