Garhwa Railway Track Accident: रेलवे ट्रैक पर रील बनाना पड़ा भारी, ट्रेन की चपेट में आने से युवती के दोनों हाथ कटे

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गढ़वा: Garhwa Railway Track Accident में गढ़वा थाना क्षेत्र के जोबरइया गांव के समीप मंगलवार को दोस्तों के साथ रेलवे ट्रैक पर रील बना रही 19 वर्षीय युवती रांची-चोपन ट्रेन की चपेट में आ गई। हादसे में युवती के दोनों हाथ कट गए, जबकि शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आई हैं। गंभीर रूप से घायल युवती को गढ़वा सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।

घायल युवती की पहचान गढ़वा शहर के अशोक बिहार मोहल्ला निवासी धीरज सिंह की 19 वर्षीय बेटी पूर्णिमा कुमारी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मंगलवार को पूर्णिमा अपने कुछ दोस्तों के साथ जोबरइया गांव के समीप रेलवे ट्रैक पर रील बना रही थी। इसी दौरान ट्रैक पर ट्रेन आने के बावजूद उसका ध्यान उस ओर नहीं गया।

ट्रेन की चपेट में आने से दोनों हाथ कटे

प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, रील बनाने के दौरान पूर्णिमा रेलवे ट्रैक के काफी करीब थी। इसी बीच रांची-चोपन ट्रेन वहां से गुजर रही थी। ट्रेन की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल होकर ट्रैक के पास गिर पड़ी।

हादसा इतना भीषण था कि उसके दोनों हाथ कट गए। इसके अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आईं और काफी रक्तस्राव हुआ।

दोस्तों ने अस्पताल पहुंचाया, हायर सेंटर रेफर

घटना के बाद मौके पर मौजूद दोस्तों में अफरा-तफरी मच गई। दोस्तों ने तत्काल घायल पूर्णिमा को इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को देखते हुए तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू किया।

अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पूर्णिमा के परिजन भी सदर अस्पताल पहुंचे। बेटी की गंभीर हालत देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन उसके बेहतर इलाज के लिए उसे हायर सेंटर ले जाने की तैयारी में जुटे हैं।

रेलवे ट्रैक पर रील बनाने को लेकर उठे सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर सोशल मीडिया के लिए वीडियो और रील बनाने के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। युवाओं में सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने और उसे अधिक आकर्षक बनाने की होड़ कई बार जानलेवा साबित हो सकती है।

रेलवे ट्रैक जैसे संवेदनशील और प्रतिबंधित स्थानों पर कुछ सेकंड की रील के लिए जोखिम उठाना बेहद खतरनाक है। रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की गति और उसके आने का अंदाजा लगाना कई बार मुश्किल होता है। ट्रेन के नजदीक आने पर कुछ ही सेकंड में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है।

गढ़वा की यह घटना इसी लापरवाही का दर्दनाक उदाहरण बनकर सामने आई है। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी रेलवे ट्रैक के आसपास युवाओं की गतिविधियों और सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

फिलहाल पूर्णिमा की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है।

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