Nikhar Sablok Murder Investigation: 50 से अधिक CCTV के बाद घाटशिला से युवक गिरफ्तार, शूटरों की तलाश जारी

निखार सबलोक हत्याकांड में CCTV जांच के बाद घाटशिला से युवक गिरफ्तार

जमशेदपुर/चांडिल: Nikhar Sablok Murder Investigation में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। एनएच-33 स्थित होटल टेंथ माइल स्टोन में होटल कारोबारी निखार सबलोक की हत्या के बाद हमलावर जिस कार से घाटशिला की ओर भागे थे, उसका सुराग पुलिस ने 50 से अधिक स्थानों के CCTV फुटेज खंगालने के बाद तलाश लिया है। गालूडीह के पुतरु टोल प्लाजा के CCTV कैमरे में संदिग्ध कार की तस्वीर सामने आने के बाद पुलिस ने घाटशिला से एक युवक को गिरफ्तार किया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना के समय कार में दो शूटरों के अलावा चालक और एक अन्य युवक भी मौजूद था। गिरफ्तार युवक से पूछताछ कर उसकी भूमिका और वारदात से उसके संबंध का पता लगाया जा रहा है। पुलिस ने उसकी भूमिका को लेकर अभी विस्तृत आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।

50 से अधिक CCTV फुटेज से जोड़ा गया भागने का रास्ता

निखार सबलोक की हत्या के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती हमलावरों की पहचान और उनके भागने के रास्ते का पता लगाना था। इसके लिए सरायकेला और जमशेदपुर पुलिस की अलग-अलग टीमों ने एनएच-33 और इससे जुड़े मार्गों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली।

होटल के आसपास से लेकर घाटशिला और आगे जाने वाले रास्तों तक कई स्थानों के फुटेज की जांच की गई। इसी दौरान गालूडीह स्थित पुतरु टोल प्लाजा के कैमरे में संदिग्ध कार की तस्वीर मिली। इस सुराग के आधार पर पुलिस घाटशिला तक पहुंची और एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या के बाद कार किन-किन रास्तों से गई और रास्ते में किन लोगों से संपर्क हुआ।

ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी छापेमारी

शूटरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने जांच का दायरा झारखंड से बाहर बढ़ा दिया है। संभावित ठिकानों की तलाश में पुलिस की टीमें ओडिशा और पश्चिम बंगाल भेजी गई हैं। वहां संदिग्धों के ठिकानों पर छापेमारी और स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने का काम चल रहा है।

पुलिस ने बुंडू टोल प्लाजा समेत बिहार की ओर जाने वाले रास्ते में पड़ने वाले अन्य टोल प्लाजा के CCTV फुटेज भी खंगाले हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि शूटर हत्या के बाद किस दिशा में गए और रास्ते में उन्होंने वाहन बदला या कहीं रुके थे।

हत्या के बाद बलकार सिंह की कार पर भी चली गोली

जांच में यह भी सामने आया है कि निखार की हत्या के बाद होटल से निकलते समय शूटरों ने बाहर भी फायरिंग की थी। होटल में मौजूद लोगों के बाहर निकलने के दौरान बलकार सिंह और उनके साथियों की कार भी वहां पहुंची।

बताया गया कि सुखलाल पहाड़िया और जीवन को बलकार सिंह की कार में बैठाया गया था। इसी दौरान होटल से निकलने के बाद शूटरों ने बलकार सिंह की कार पर भी गोली चला दी। घबराए लोग कुछ दूरी तक जमशेदपुर की ओर गए और फिर कार वापस होटल की ओर मोड़ दी।

होटल लौटने पर निखार सबलोक को खून से लथपथ हालत में पाया गया। इसके बाद बलकार सिंह, रुचित अग्रवाल, राकेश कोहली और एक अन्य युवक ने उन्हें कार से टीएमएच पहुंचाया। पुलिस पूछताछ में इन लोगों ने घटना के बाद की स्थिति की जानकारी दी है।

होटल से निकलते समय मैगजीन बदलने की जानकारी

पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद दोनों शूटर होटल से निकलते समय अपनी पिस्तौल की मैगजीन बदलते दिखे थे। इसके बाद वे सड़क की दूसरी तरफ पहले से खड़ी कार में बैठकर फरार हो गए।

बताया जा रहा है कि शूटर कुछ समय तक पिस्तौल लहराते हुए सड़क की दूसरी तरफ गए थे। पुलिस अब होटल और आसपास के अन्य कैमरों की मदद से उनके हुलिये, गतिविधियों और भागने के तरीके को जोड़ने का प्रयास कर रही है।

बिहार कनेक्शन की भी जांच

पुलिस की अब तक की जांच में हमलावरों के बिहार से जुड़े होने की आशंका सामने आई है। इसी आधार पर एसआईटी ने बिहार के आरा और छपरा में भी छापेमारी की है।

हालांकि, शूटरों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और गिरफ्तार युवक से पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।

सिंटू सिंह की भूमिका भी जांच के घेरे में

निखार सबलोक हत्याकांड में पुलिस शातिर अपराधी सिंटू सिंह और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वारदात के आसपास सिंटू सिंह की मौजूदगी की जानकारी सामने आई है।

उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सिंटू सिंह पहले मानगो के अपराधी गुड्डू पांडेय के गिरोह से जुड़ा रहा है। बाद में दोनों के बीच विवाद हुआ था। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक संपर्कों और मौजूदा नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

गैंगवार के एंगल पर भी पुलिस की नजर

पुलिस सोनारी के खूंटाडीह निवासी अशोक सिंह राघव और उसके सहयोगियों से भी पूछताछ कर रही है। उनके सहयोगी मोहम्मद कलाम और विष्णु के सोनारी स्थित घरों पर छापेमारी की गई, लेकिन दोनों वहां नहीं मिले।

पुलिस ने राघव के मोबाइल का कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी खंगाला है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या से पहले और बाद में किन लोगों से लगातार संपर्क हुआ था। निखार हत्याकांड में कथित गैंगवार और आपराधिक गिरोहों के संभावित संबंधों की भी जांच की जा रही है।

निखार के मोबाइल से भी अहम सुराग

पुलिस ने निखार सबलोक के मोबाइल फोन की भी गहन जांच की है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, व्हाट्सऐप कॉल, मैसेज और अन्य संपर्कों को खंगाला गया है। इससे पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की बात सामने आई है।

जांच के अनुसार, निखार सबलोक का अपराधी गणेश सिंह से संपर्क और जमीन कारोबार से जुड़ाव भी जांच का हिस्सा है। पुलिस अब हत्या से पहले उनकी गतिविधियों, संपर्कों और संभावित विवादों को जोड़कर देख रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों और साथियों से पूछताछ जारी

पुलिस घटना के प्रत्यक्षदर्शी सुखलाल पहाड़िया, गुरुचरण कर्मकार और जीवन से पूछताछ कर रही है। घटना के समय होटल में मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।

निखार के साथ होटल में मौजूद बलकार सिंह, रुचित अग्रवाल, राकेश कोहली और अन्य लोगों से भी पूछताछ की गई है। पुलिस हत्या से पहले होटल में मौजूद लोगों की गतिविधियों और शूटरों के आने-जाने से जुड़े सुरागों को जोड़ने में जुटी है। पूछताछ के बाद पुलिस ने बुधवार को मनमन सिंह को छोड़ दिया।

18 सदस्यीय एसआईटी भी कर रही जांच

निखार हत्याकांड की जांच के लिए दो जिलों के 18 पुलिस अधिकारियों की विशेष जांच टीम गठित की गई है। रिपोर्टों के अनुसार एसआईटी हत्या के पीछे जमीन विवाद समेत अन्य संभावित कारणों की पड़ताल कर रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

साजिश की कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस

निखार सबलोक हत्याकांड अब केवल शूटरों की पहचान तक सीमित नहीं रह गया है। पुलिस CCTV फुटेज, टोल प्लाजा रिकॉर्ड, मोबाइल कॉल डिटेल, व्हाट्सऐप संपर्क, संदिग्धों के आपराधिक नेटवर्क और जमीन कारोबार से जुड़े संबंधों की जांच कर रही है।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शूटरों को निखार की होटल में मौजूदगी की जानकारी किसने दी थी, हत्या से पहले रेकी हुई थी या नहीं और घटना के बाद आरोपियों को वाहन तथा सुरक्षित रास्ता किसने उपलब्ध कराया।

फिलहाल घाटशिला से एक युवक की गिरफ्तारी और कई संदिग्धों से पूछताछ के बाद जांच में अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, शूटरों की पहचान, हत्या की पूरी साजिश और कथित गैंग कनेक्शन की अंतिम पुष्टि पुलिस की आधिकारिक जांच और आगे की कार्रवाई के बाद ही होगी।

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