MGM Hospital Theft Gang: एमजीएम अस्पताल से शहर तक छिनतई गिरोह का खुलासा, पांच गिरफ्तार
जमशेदपुर: MGM Hospital Theft Gang मामले में एमजीएम अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों को निशाना बनाने के साथ-साथ शहर के अलग-अलग इलाकों में राहगीरों से छिनतई करने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। एमजीएम थाना पुलिस की विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के पांच शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी और छिनतई के 31 मोबाइल फोन, सोने के आभूषण, दो स्कूटी और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बरामद 31 मोबाइल में से 25 स्मार्टफोन अकेले एक आरोपी तुषार कालिंदी के घर से मिले हैं।
वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. एहतेशाम वकारिब ने गुरुवार को एसएसपी कार्यालय के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार अपराधी अस्पताल, बाजार, सब्जी मंडियों और सुनसान रास्तों को वारदात के लिए चुनते थे। गिरोह के सदस्य मौका देखकर लोगों के मोबाइल और अन्य कीमती सामान छीन लेते थे। पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी का सामान खरीदने वाले रिसीवरों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है, जिसकी जांच जारी है।
चोरी के प्रयास में पकड़े गए युवक से खुला पूरा नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, एमजीएम अस्पताल और उसके आसपास लगातार हो रही चोरी और छिनतई की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए ग्रामीण एसपी शुभम खंडेलवाल के निर्देशन में विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम में पटमदा डीएसपी दयानंद कुमार और एमजीएम थाना प्रभारी सचिन दास के नेतृत्व में पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे।
मंगलवार को एमजीएम अस्पताल में एक युवक चोरी का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान अस्पताल में तैनात होमगार्ड जवान की नजर उस पर पड़ गई। जवान ने तत्परता दिखाते हुए युवक को मौके पर ही पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस ने हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ शुरू की। पूछताछ में उसने अकेले वारदात करने के बजाय एक पूरे गिरोह के साथ मिलकर चोरी और छिनतई की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी शुरू की।
एक के बाद एक दबोचे गए चार अन्य आरोपी
पहले आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के बागुनहातु में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह से जुड़े चार अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। उनके ठिकानों की तलाशी लेने पर बड़ी संख्या में चोरी और छिनतई के मोबाइल फोन समेत अन्य सामान बरामद हुए।
पुलिस के अनुसार, तुषार कालिंदी के घर से ही 25 मोबाइल फोन बरामद हुए, जिससे गिरोह के बड़े स्तर पर चोरी और छिनतई की वारदातों में शामिल होने का अंदाजा लगाया जा रहा है।
अस्पताल से लेकर सड़क तक बनाते थे लोगों को निशाना
जांच में पुलिस को पता चला है कि गिरोह के सदस्य एमजीएम अस्पताल में मरीजों और उनके साथ रहने वाले परिजनों को निशाना बनाते थे। अस्पताल में इलाज और बीमारी की चिंता में परेशान लोगों की असावधानी का फायदा उठाकर उनके मोबाइल और अन्य सामान पर हाथ साफ किया जाता था।
इसके अलावा गिरोह के सदस्य शहर की सब्जी मंडियों, भीड़भाड़ वाले बाजारों और अपेक्षाकृत सुनसान सड़कों पर भी सक्रिय रहते थे। पुलिस के मुताबिक, राहगीरों की रेकी करने के बाद मौका मिलते ही मोबाइल या अन्य सामान छीनकर फरार हो जाते थे।
मुख्य सरगना समेत पांचों आरोपी सिदगोड़ा के
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के बागुनहातु के रहने वाले बताए गए हैं। उनकी पहचान तुषार कालिंदी, सावन देवगम उर्फ बच्चा, आकाश दत्ता उर्फ चेपा, सन्नी कालिंदी और लक्ष्मण बागती के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, सावन देवगम गिरोह का शातिर अपराधी है और उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में पहले से आठ संगीन मामले दर्ज हैं। वहीं आकाश दत्ता उर्फ चेपा के खिलाफ तीन और सन्नी कालिंदी के खिलाफ एक आपराधिक मामला पहले से दर्ज है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और उनके खिलाफ दर्ज मामलों की भी पड़ताल कर रही है।
रिसीवरों की तलाश में जुटी पुलिस
एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब ने बताया कि पुलिस की कार्रवाई अभी पूरी नहीं हुई है। बरामद मोबाइल फोन और अन्य सामान को लेकर यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने इन्हें किन-किन स्थानों पर बेचने की कोशिश की थी।
पुलिस अब गिरोह से जुड़े रिसीवरों यानी चोरी का सामान खरीदने वाले लोगों की पहचान करने में जुटी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने अब तक शहर के किन-किन इलाकों में वारदातों को अंजाम दिया है और बरामद मोबाइल फोन किन मामलों से जुड़े हैं।
पुलिस बरामद मोबाइलों की जांच कर उनके वास्तविक मालिकों की पहचान करने और पूर्व में दर्ज चोरी व छिनतई के मामलों से उनका मिलान करने की प्रक्रिया में जुटी है। इससे गिरोह की अन्य वारदातों का भी खुलासा होने की उम्मीद है।