ITR फाइलिंग की आखिरी तारीख आज, डेडलाइन बढ़ेगी या नहीं? सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं

नई दिल्ली: ITR फाइलिंग की आखिरी तारीख को लेकर देशभर के करोड़ों करदाताओं के बीच असमंजस बना हुआ है। सोशल मीडिया पर आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाए जाने के कई दावे किए जा रहे हैं। हालांकि, 31 जुलाई 2026 तक केंद्र सरकार या केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) की ओर से डेडलाइन बढ़ाने संबंधी कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। ऐसे में अधिकांश व्यक्तिगत करदाताओं के लिए फिलहाल 31 जुलाई ही आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि है।

📌 मुख्य बातें

  • ITR दाखिल करने की अंतिम तिथि आज है।
  • डेडलाइन बढ़ाने की अफवाहें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
  • सरकार या CBDT की ओर से अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
  • समय पर रिटर्न दाखिल करने की सलाह विशेषज्ञों ने दी।
  • देर होने पर विलंब शुल्क और अन्य प्रावधान लागू हो सकते हैं।

डेडलाइन बढ़ने की अफवाहों से बढ़ा भ्रम

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर यह दावा किया जा रहा है कि ई-फाइलिंग पोर्टल पर तकनीकी समस्याओं और बड़ी संख्या में लंबित रिटर्न को देखते हुए सरकार अंतिम तिथि बढ़ा सकती है। हालांकि, अभी तक आयकर विभाग या CBDT की ओर से ऐसी किसी भी संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल सोशल मीडिया पोस्ट या व्हाट्सएप संदेशों के आधार पर निर्णय लेना उचित नहीं है।

समय पर ITR दाखिल करना क्यों जरूरी है?

कर विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर आयकर रिटर्न दाखिल करने से विलंब शुल्क, ब्याज और अन्य कानूनी परेशानियों से बचा जा सकता है। यदि किसी करदाता का टैक्स रिफंड बनता है, तो समय पर रिटर्न दाखिल करने से उसका निपटारा भी अपेक्षाकृत जल्दी होता है।

आज के समय में ITR केवल टैक्स से जुड़ा दस्तावेज नहीं है। बैंक से लोन, वीजा आवेदन, वित्तीय सत्यापन और कई सरकारी एवं निजी प्रक्रियाओं में भी इसकी आवश्यकता पड़ती है।

अंतिम तिथि चूकने पर क्या होगा?

यदि कोई करदाता निर्धारित समय सीमा तक ITR दाखिल नहीं कर पाता है, तो वह बाद में बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकता है। हालांकि, इसके साथ विलंब शुल्क, ब्याज और आयकर कानून के अन्य प्रावधान लागू हो सकते हैं। साथ ही कुछ मामलों में भविष्य के लिए कुछ प्रकार के घाटे (Losses) को आगे ले जाने जैसी कर संबंधी सुविधाओं का लाभ भी नहीं मिल सकता।

सभी करदाताओं के लिए एक जैसी नहीं होती अंतिम तिथि

31 जुलाई की अंतिम तिथि सभी करदाताओं पर लागू नहीं होती। जिन व्यवसायों या पेशेवरों के खातों का ऑडिट आवश्यक नहीं है लेकिन वे संबंधित अन्य श्रेणियों में आते हैं, उनके लिए अलग वैधानिक समय-सीमा हो सकती है। इसलिए प्रत्येक करदाता को अपनी श्रेणी के अनुसार आधिकारिक जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए।

अंतिम दिन पोर्टल पर बढ़ सकता है दबाव

हर वर्ष अंतिम दिन बड़ी संख्या में करदाता रिटर्न दाखिल करते हैं, जिससे ई-फाइलिंग पोर्टल पर ट्रैफिक बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतिम समय तक इंतजार करने से लॉगिन, अपलोड या सत्यापन जैसी तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए समय रहते रिटर्न दाखिल करना बेहतर विकल्प है। रिटर्न भरने से पहले Form-16, AIS, TIS, बैंक खाते और TDS से जुड़ी जानकारी का मिलान अवश्य कर लेना चाहिए।

आधिकारिक घोषणा का करें इंतजार

पिछले वर्षों में विशेष परिस्थितियों में सरकार ने ITR दाखिल करने की समय-सीमा बढ़ाई थी, लेकिन हर बार इसकी जानकारी आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से ही जारी की गई थी। फिलहाल 31 जुलाई 2026 तक डेडलाइन बढ़ाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। यदि भविष्य में समय-सीमा में बदलाव किया जाता है, तो उसकी जानकारी आयकर विभाग और CBDT की आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से दी जाएगी। इसलिए करदाताओं को केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करना चाहिए।

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