Ghaghidih Jail Case: प्रतिबंधित सामान बरामदगी मामले में गैंगस्टर सुधीर दुबे समेत पांच बरी
जमशेदपुर: Ghaghidih Jail Case में प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने गैंगस्टर सुधीर दुबे समेत पांच आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। मामला घाघीडीह सेंट्रल जेल में प्रतिबंधित सामान बरामदगी से जुड़ा है। अदालत ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त और पुख्ता साक्ष्य नहीं पाया।
बरी होने वालों में सुधीर दुबे, किशोर रजक, मोहन लाल होन्हागा, मो. वारिस और ऋतु बनरा शामिल हैं। सुधीर दुबे की ओर से अधिवक्ता गौरव पाठक और साकेत सुमन ने अदालत में बचाव पक्ष रखा।
2017 में घाघीडीह जेल में हुई थी सघन छापेमारी
मामला 2 जुलाई 2017 का है। उस दिन घाघीडीह जेल में अचानक सघन तलाशी अभियान चलाया गया था। तलाशी के दौरान जेल परिसर से मोबाइल फोन, चार्जर, चाकू, इयरफोन, सिम कार्ड, मेमोरी कार्ड, बीड़ी और सिगरेट समेत कई प्रतिबंधित सामान बरामद किए गए थे।
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल छह गवाहों का परीक्षण कराया गया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने अभियोजन के साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर सवाल उठाते हुए अदालत के समक्ष अपने तर्क रखे।
पुख्ता साक्ष्य नहीं मिलने पर पांचों को मिली राहत
अदालत ने सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण किया। अदालत ने पाया कि आरोपियों के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य मौजूद नहीं हैं।
इसके बाद अदालत ने सुधीर दुबे समेत सभी पांच आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।