Circuit House Area Property Dispute: धमकी और जबरन पावर ऑफ अटॉर्नी का आरोप, एसएसपी से शिकायत
जमशेदपुर: Circuit House Area Property Dispute को लेकर रामदास भट्टा, बिष्टुपुर निवासी भूपेंद्र सिंह ने अशोक कुमार सिंह के खिलाफ पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को लिखित शिकायत दी है। शिकायत की एक प्रति सिटी एसपी, जमशेदपुर को भी सौंपे जाने की बात कही गई है।
भूपेंद्र सिंह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि सर्किट हाउस एरिया स्थित उनकी संपत्ति को लेकर उन पर और उनके परिवार पर दबाव बनाया गया तथा बंदूक के बल पर परिवार को पुरुलिया ले जाकर पावर ऑफ अटॉर्नी से संबंधित दस्तावेज तैयार कराए गए। शिकायतकर्ता ने मामले में परिवार की सुरक्षा और पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की है।
वीडियो कॉल के जरिए धमकी देने का आरोप
शिकायत के अनुसार, 3 फरवरी 2024 को अशोक कुमार सिंह उनके घर पहुंचे थे। भूपेंद्र सिंह का आरोप है कि इस दौरान वीडियो कॉल के माध्यम से विक्रम शर्मा नामक व्यक्ति से उनकी बात कराई गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, वीडियो कॉल पर उन्हें कथित तौर पर परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई और अशोक कुमार सिंह की बात मानने के लिए कहा गया।
भूपेंद्र सिंह ने दावा किया है कि इस घटना के बाद से वह और उनका परिवार भय के माहौल में रहने लगा।
5 मार्च को पुरुलिया ले जाने का दावा
शिकायतकर्ता के अनुसार, 5 मार्च 2024 को उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को कथित तौर पर बंदूक के बल पर वाहन में बैठाकर पुरुलिया ले जाया गया। वहां रोहिणी पोद्दार के नाम पावर ऑफ अटॉर्नी कराए जाने का आरोप लगाया गया है।
भूपेंद्र सिंह ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि पावर ऑफ अटॉर्नी से पहले उनके बैंक खाते में अलग-अलग माध्यमों से रकम जमा कराई गई और बाद में आरटीजीएस, चेक तथा नकद के माध्यम से रकम निकाली गई।
करीब 9 करोड़ रुपये के लेन-देन का आरोप
शिकायत में भूपेंद्र सिंह ने करीब 9 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय लेन-देन का उल्लेख किया है। उनका आरोप है कि उनके बैंक खाते में रकम जमा कराकर बाद में सॉल्यूशन ट्रेड, रूबी सिंह, अमित गोराई और विक्रम उद्योग समेत अलग-अलग नामों से जुड़े खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई।
उन्होंने दावा किया है कि रकम का लेन-देन आरटीजीएस, चेक और नकद के माध्यम से हुआ। शिकायतकर्ता ने पुलिस से संबंधित बैंक खातों और लेन-देन की जांच कराने का अनुरोध किया है।
जुलाई 2024 में दोबारा धमकी का आरोप
भूपेंद्र सिंह ने शिकायत में आरोप लगाया है कि 8 जुलाई 2024 को फिर वीडियो कॉल के माध्यम से उन्हें कथित धमकी दिलाई गई। इसके अगले दिन, 9 जुलाई को परिवार को पुरुलिया ले जाकर अशोक कुमार सिंह के नाम पावर ऑफ अटॉर्नी कराए जाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि इस दौरान परिवार पर दबाव बनाया गया और दस्तावेजों के अलावा सादे कागजों पर भी हस्ताक्षर कराए गए। उन्होंने खुद को बंधक बनाए जाने और नकदी निकलवाने का भी आरोप लगाया है।
संपत्ति के नाम पर कारोबारियों से रकम लेने का आरोप
शिकायत में भूपेंद्र सिंह ने यह भी आरोप लगाया है कि उनकी संपत्ति को आधार बनाकर विभिन्न कारोबारियों से करोड़ों रुपये लिए गए। उनका दावा है कि पावर ऑफ अटॉर्नी से जुड़े दस्तावेजों का इस्तेमाल कर वित्तीय लेन-देन किए गए और रकम उनके खाते में जमा कराने के बाद दूसरे खातों में ट्रांसफर कराई गई।
भूपेंद्र सिंह ने पुलिस से इन सभी वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों, संपत्ति के दस्तावेज और पावर ऑफ अटॉर्नी की जांच कराने की मांग की है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विक्रम शर्मा की मृत्यु के बाद अशोक कुमार सिंह की ओर से उन्हें घर छोड़ने के लिए कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये की मांग की गई।
पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
भूपेंद्र सिंह ने एसएसपी से अपने और परिवार के सदस्यों की सुरक्षा की मांग करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई का अनुरोध किया है।
फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच में सामने आने वाले दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, संबंधित व्यक्तियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। अशोक कुमार सिंह का पक्ष भी इस संबंध में सामने नहीं आया है। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
पुराने मामलों में भी सामने आता रहा है नाम
वर्तमान शिकायत से अलग, अशोक कुमार सिंह का नाम पूर्व में भी कुछ आपराधिक और आर्थिक मामलों के संदर्भ में सामने आने की जानकारी रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 2015 में आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में उनका नाम सामने आया था। उस समय उन पर बिना लेखा-जोखा करीब 75 करोड़ रुपये रियल एस्टेट में निवेश किए जाने से संबंधित आरोपों का उल्लेख किया गया था।
वर्ष 2017 में सोनारी स्थित राम मंदिर के समीप अशोक सिंह उर्फ राघव को गोली लगने की घटना भी सामने आई थी। इसी वर्ष रोजवैली चिटफंड मामले में सीबीआई की ओर से उन्हें पूछताछ के लिए कोलकाता बुलाए जाने की जानकारी सामने आई थी।
वर्ष 2019 में हत्या और छिनतई से जुड़े एक मामले में उनकी गिरफ्तारी की भी जानकारी सामने आई थी।