आसंगी चेक डैम में एनआईटी छात्र डूबा, तलाश जारी; सुरक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों का प्रदर्शन
सरायकेला-खरसावां: आसंगी चेक डैम हादसा में रविवार को एनआईटी जमशेदपुर के एक छात्र के डूबने की घटना सामने आई। मेटालर्जी विभाग के चौथे वर्ष के छात्र मीर हसन अपने दोस्तों के साथ आसंगी चेक डैम घूमने और नहाने गए थे। इसी दौरान वह गहरे पानी में चले गए और डूब गए। घटना के बाद राहत एवं बचाव अभियान जारी है, जबकि छात्रों ने सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।
📌 मुख्य बातें
- आसंगी चेक डैम में एनआईटी जमशेदपुर का छात्र डूबा।
- मेटालर्जी विभाग के चौथे वर्ष के छात्र मीर हसन की तलाश जारी।
- आरआईटी थाना पुलिस, प्रशासन और राहत दल चला रहे हैं सर्च अभियान।
- सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने का आरोप लगाकर छात्रों ने किया प्रदर्शन।
- छात्रों ने एक करोड़ रुपये मुआवजा और निष्पक्ष जांच की मांग की।
दोस्तों के साथ घूमने गया था छात्र
आदित्यपुर स्थित आसंगी चेक डैम में रविवार को एक दर्दनाक हादसे ने एनआईटी जमशेदपुर परिसर को झकझोर कर रख दिया। मेटालर्जी विभाग के चौथे वर्ष के छात्र मीर हसन अपने दोस्तों के साथ चेक डैम घूमने और नहाने गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते डूबने लगे। साथ गए छात्रों ने शोर मचाकर स्थानीय लोगों से मदद मांगी, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
प्रशासन ने शुरू किया राहत एवं बचाव अभियान
घटना की सूचना पाकर आरआईटी थाना पुलिस, जिला प्रशासन एवं राहत दल मौके पर पहुंचा और छात्र की तलाश शुरू कर दी। देर शाम तक छात्र का कोई सुराग नहीं मिल पाया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है, जबकि खोज अभियान लगातार जारी है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों का प्रदर्शन
इधर, हादसे की खबर फैलते ही एनआईटी जमशेदपुर के छात्रों में भारी आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में छात्र एकत्र होकर जिला प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। छात्रों का आरोप है कि आसंगी चेक डैम जैसे संवेदनशील और जोखिम वाले स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, चेतावनी बोर्ड और निगरानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि कई बार संस्था के डायरेक्टर से उस ओर जाने वाले रास्ते पर गेट लगाने की बात कही गई थी और लिखित आवेदन भी सौंपा गया था, बावजूद इसके कोई सुरक्षा के इंतज़ाम नहीं किए गए।
एक करोड़ रुपये मुआवजा और कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने पीड़ित छात्र के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
तलाश जारी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
फिलहाल जिला प्रशासन की प्राथमिकता लापता छात्र की तलाश है। राहत एवं बचाव अभियान जारी है और पूरे मामले पर पुलिस व प्रशासन की नजर बनी हुई है। छात्र के सुरक्षित मिलने की उम्मीद के बीच परिजन, साथी छात्र और कॉलेज प्रशासन चिंतित हैं। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर जलाशयों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और जागरूकता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।