हिंदुत्व की पार्टी में ‘जाति का कॉलम’! भाजपा कदमा मंडल की सूची पर कार्यकर्ताओं ने उठाए सवाल
जमशेदपुर: BJP Kadma Mandal Caste List को लेकर भाजपा के अंदर ही सवाल उठने लगे हैं। भाजपा कदमा मंडल की एक सूची में पदाधिकारियों के नाम, पद और मोबाइल नंबर के साथ उनकी जाति का भी उल्लेख किए जाने की बात सामने आई है। सूची भाजपा कदमा मंडल अध्यक्ष उपेंद्र गिरी और जमशेदपुर महानगर भाजपा के फेसबुक पेज से जारी की गई बताई जा रही है। हालांकि, सूची में जाति का उल्लेख किस उद्देश्य से किया गया और इसके पीछे कोई आधिकारिक संगठनात्मक निर्देश था या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने सूची में जाति के उल्लेख पर उठाए सवाल
सूची सामने आने के बाद पार्टी के अंदर ही तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा है कि संगठन में पद देने और जिम्मेदारी तय करने के लिए संगठनात्मक क्षमता, सक्रियता और योगदान महत्वपूर्ण होना चाहिए या जाति की जानकारी भी संगठनात्मक सूची का हिस्सा होनी चाहिए।
बताया जा रहा है कि जारी सूची पर कदमा मंडल अध्यक्ष उपेंद्र गिरी के साथ जिला उपाध्यक्ष संजीव सिंह के भी हस्ताक्षर हैं। जिला अध्यक्ष संजीव सिन्हा की गैरमौजूदगी में संगठन का कामकाज देख रहे जिला पदाधिकारी की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर कार्यकर्ताओं ने जताई नाराजगी

सूची सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद भाजपा के कई कार्यकर्ताओं ने कमेंट के जरिए सवाल उठाए। कुछ कार्यकर्ताओं ने पूछा कि जब पार्टी सामाजिक समरसता और जात-पात से ऊपर उठने की बात करती है, तो संगठनात्मक सूची में जाति का उल्लेख करने की जरूरत क्यों पड़ी।
मामला सामने आने के बाद यह सूची स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा और राजनीतिक बहस का विषय बन गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जाति का कॉलम किस उद्देश्य से जोड़ा गया था।
वरिष्ठ कार्यकर्ता ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण
भाजपा के एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने मामले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में ऐसा पहले नहीं देखा कि कार्यकर्ताओं की जाति का उल्लेख करते हुए उन्हें संगठन में पद दिया जाए।
उन्होंने कदमा मंडल अध्यक्ष के इस कदम को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि संगठन में कार्यकर्ताओं का मूल्यांकन उनकी मेहनत, सक्रियता, क्षमता और संगठन के प्रति योगदान के आधार पर होना चाहिए।
अब भाजपा नेतृत्व के जवाब का इंतजार
मामले ने भाजपा के सामने भी सवाल खड़े किए हैं। एक ओर पार्टी सामाजिक समरसता की बात करती है, वहीं स्थानीय संगठन की सूची में जाति का उल्लेख किए जाने से राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
अब यह सवाल उठ रहा है कि संगठनात्मक सूची में जाति का कॉलम किस उद्देश्य से शामिल किया गया और क्या इसके पीछे पार्टी का कोई आधिकारिक निर्देश था। इस संबंध में भाजपा नेतृत्व की ओर से स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
जिला अध्यक्ष बोले- शहर लौटकर देखेंगे मामला
पूरे विवाद पर भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने कहा कि वह फिलहाल निजी कार्य से शहर से बाहर हैं। उन्हें मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि शहर लौटने के बाद वह सूची और पूरे मामले को देखेंगे।
फिलहाल भाजपा नेतृत्व की ओर से सूची में जाति के उल्लेख को लेकर विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। इसलिए यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा था या स्थानीय स्तर पर तैयार की गई सूची में किया गया कोई निर्णय।