Himanshu Singh Murder Case: नीरज सिंह की जमानत खारिज, हाईकोर्ट जाएगी बचाव पक्ष

हिमांशु सिंह हत्याकांड में नीरज सिंह की जमानत खारिज होने का मामला

जमशेदपुर: Himanshu Singh Murder Case में घाघीडीह जेल में बंद भाजपा नेता सह डीडी बार के मालिक नीरज सिंह को शुक्रवार को अदालत से राहत नहीं मिली। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-2) आनंद मणि त्रिपाठी की अदालत ने नीरज सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी। जमानत पर बुधवार को हुई सुनवाई के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार, 21 अगस्त को अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए जमानत याचिका को खारिज कर दिया।

जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता लाला अजीत अंबष्ठ और अधिवक्ता निखिलेश त्रिपाठी ने अदालत के समक्ष अपनी दलीलें रखीं। वहीं, नीरज सिंह की ओर से अधिवक्ता प्रकाश झा ने मंगलवार को जमानत के पक्ष में अपनी दलील पेश की थी।

हाईकोर्ट का रुख करेगा बचाव पक्ष

अदालत के फैसले के बाद मामले से जुड़े अधिवक्ता राजहंस तिवारी ने Crow News से बातचीत में कहा कि नीरज सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। उन्होंने कहा कि निचली अदालत के इस फैसले के खिलाफ अब हाईकोर्ट का रुख किया जाएगा।

राजहंस तिवारी ने कहा कि उन्हें देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है और बचाव पक्ष हाईकोर्ट में जमानत के लिए प्रार्थना करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि हाईकोर्ट से नीरज सिंह को जल्द राहत मिलेगी और वह जल्द जेल से बाहर आ सकते हैं।

26 जून की रात हुआ था जानलेवा हमला

गौरतलब है कि 26 जून की रात बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डीडी बार के बाहर आपसी विवाद के बाद हिमांशु सिंह और उनके साथी प्रत्युष सिंह पर कथित तौर पर चापड़ और अन्य हथियारों से जानलेवा हमला किया गया था। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे।

हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसके बाद दोनों को इलाज के लिए टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान आदित्यपुर निवासी हिमांशु सिंह की मौत हो गई थी। वहीं, प्रत्युष सिंह की हालत गंभीर होने के कारण उसके परिजन उसे एयरलिफ्ट कर इलाज के लिए कोलकाता ले गए थे।

नीरज सिंह घाघीडीह जेल में बंद

हिमांशु सिंह की मौत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की। इसी मामले में भाजपा नेता सह डीडी बार के मालिक नीरज सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद उनकी ओर से अदालत में जमानत याचिका दाखिल की गई थी।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे-2 की अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था। शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनंद मणि त्रिपाठी की अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी। अब बचाव पक्ष हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दाखिल करने की तैयारी में है।

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