Azadnagar Cyber Awareness: स्कूली बच्चों को साइबर सुरक्षा के गुर, ठगी पर 1930 कॉल की सलाह
जमशेदपुर: Azadnagar Cyber Awareness अभियान के तहत तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी से बचाव को लेकर आजादनगर थाना पुलिस की ओर से बुधवार को अमर ज्योति हाई स्कूल, आजादनगर में साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों और साइबर एक्सपर्ट ने स्कूली विद्यार्थियों को इंटरनेट और सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल करने के तरीके बताए।
कार्यक्रम में आजादनगर थाना प्रभारी चंदन कुमार सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे। पुलिस ने बच्चों को समझाया कि आज के समय में मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल जितना बढ़ रहा है, उतने ही साइबर अपराध के मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में थोड़ी सी सावधानी बरतकर ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध से बचा जा सकता है।
पासवर्ड और ओटीपी किसी से साझा न करें

पुलिस ने विद्यार्थियों को बताया कि अपना पासवर्ड, ओटीपी, एटीएम या बैंक संबंधी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए। साइबर अपराधी अक्सर बैंक अधिकारी, पुलिसकर्मी, कंपनी का कर्मचारी या परिचित बनकर लोगों से गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं।
पुलिस ने बच्चों को यह भी बताया कि किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक नहीं करें। लॉटरी जीतने, इनाम मिलने, नौकरी लगने या कम समय में अधिक पैसे कमाने जैसे लुभावने संदेशों के जरिए भी साइबर ठगी की जाती है।
सोशल मीडिया पर भी सावधानी जरूरी
अभियान के दौरान सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल पर भी विशेष जोर दिया गया। पुलिस ने बच्चों से कहा कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से बचें। अपनी निजी तस्वीरें, स्कूल, घर, मोबाइल नंबर और अन्य व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा नहीं करनी चाहिए।
ऑनलाइन गेमिंग के दौरान भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई। पुलिस ने विद्यार्थियों को बताया कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे का लेन-देन नहीं करें और गेम या किसी ऐप में भुगतान करने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी जरूर लें।
साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं, 1930 पर करें कॉल
पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने की जानकारी भी दी। बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी हो जाती है या उसके बैंक खाते से पैसे निकल जाते हैं तो घबराने के बजाय तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए।
पुलिस ने बताया कि ठगी की जानकारी जितनी जल्दी दी जाएगी, रकम को रोकने या आगे की कार्रवाई करने की संभावना उतनी ही बेहतर रहती है। इसके अलावा पीड़ित को ठगी से संबंधित मैसेज, स्क्रीनशॉट, बैंक ट्रांजेक्शन की जानकारी और अन्य सबूत सुरक्षित रखने चाहिए।
बच्चों को किया जागरूक

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करना और उन्हें डिजिटल दुनिया में सुरक्षित व्यवहार के लिए तैयार करना था। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों से कहा कि किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी अपने माता-पिता, शिक्षक या पुलिस को दें और डरकर मामले को छिपाएं नहीं।
स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों को कम उम्र से ही साइबर सुरक्षा की जानकारी देना जरूरी है, क्योंकि वे पढ़ाई, मनोरंजन और बातचीत के लिए लगातार डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे हैं। अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने भी साइबर अपराध से जुड़े सवाल पूछे, जिनका पुलिस टीम और साइबर एक्सपर्ट ने जवाब दिया।