चांडिल डैम के 10 फाटक खोले गए, इचागढ़ के गांवों को बाढ़ से बचाने की कवायद; विधायक सविता महतो ने लिया जायजा
सरायकेला-खरसावां: चांडिल डैम के 10 फाटक खुले जाने के बाद कोल्हान क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन और डैम प्रबंधन की निगरानी बढ़ा दी गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण चांडिल डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए डैम के 10 फाटक खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की जा रही है, ताकि इचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के दर्जनों गांवों और निचले इलाकों को सुरक्षित रखा जा सके।
📌 मुख्य बातें
- लगातार बारिश के बीच चांडिल डैम के 10 फाटक खोले गए।
- इचागढ़ के दर्जनों गांवों को बाढ़ से बचाने की तैयारी।
- विधायक सविता महतो ने डैम पहुंचकर लिया स्थिति का जायजा।
- स्वर्णरेखा और खरकई नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा।
- प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की।
जलस्तर बढ़ने पर बढ़ाई गई निगरानी
लगातार बारिश के कारण चांडिल डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जानकारी के अनुसार, जलस्तर 179.33 मीटर तक पहुंचने पर इचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए डैम प्रबंधन ने अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू कर दी है।
विधायक सविता महतो ने किया निरीक्षण
इचागढ़ की विधायक सविता महतो स्वयं चांडिल डैम पहुंचीं और अधिकारियों के साथ जलस्तर एवं जल निकासी व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि डैम का जलस्तर 180 मीटर से नीचे बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि इचागढ़ क्षेत्र के दर्जनों गांवों को संभावित बाढ़ से बचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता के अनुसार पानी छोड़ा जा रहा है।
स्वर्णरेखा और खरकई नदियों का जलस्तर भी बढ़ा
चांडिल डैम से पानी छोड़े जाने के बाद जमशेदपुर से होकर गुजरने वाली स्वर्णरेखा और खरकई नदियों का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। इसे देखते हुए डैम प्रबंधन स्थिति के अनुसार कुछ फाटकों के संचालन में बदलाव कर रहा है, ताकि चांडिल क्षेत्र के गांवों के साथ-साथ जमशेदपुर की निचली बस्तियों पर भी बाढ़ का खतरा कम किया जा सके।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने, अफवाहों से बचने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार, जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और परिस्थितियों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।